हम कौन हैं
नेशनल पार्किंग एसोसिएशन भारत के पार्किंग संचालकों एवं ठेकेदारों का एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी राष्ट्रीय संगठन है। वर्ष 2019 से सक्रिय यह संगठन उन व्यक्तियों, फर्मों और कंपनियों को एक मंच पर लाता है जो नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, रेलवे, हवाई अड्डों, मेट्रो रेल निगमों तथा अन्य सार्वजनिक एवं निजी भू-स्वामियों के अधीन पार्किंग स्थलों का संचालन करते हैं, ताकि यह क्षेत्र एक संगठित, उत्तरदायी और एकजुट स्वर में अपनी बात रख सके।
पार्किंग संचालक नागरिकों को एक आवश्यक सार्वजनिक सेवा प्रदान करते हैं, फिर भी उन्हें प्रायः कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है — वास्तविक उपयोग से असंबद्ध आरक्षित मूल्य, कठोर दंड प्रावधान, स्थल सौंपने में विलंब, आवंटित क्षेत्र पर अतिक्रमण, आसपास अनियंत्रित निःशुल्क पार्किंग, तथा बिना समुचित सुनवाई के अनुबंध समाप्ति या काली सूची में डाला जाना। कोविड-19 महामारी के दौरान, जब लॉकडाउन के कारण यातायात लगभग थम गया था, एसोसिएशन ने अनेक संचालकों का पक्ष संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष रखा और उन्हें लाइसेंस शुल्क में छूट एवं राहत दिलाने में सहायता की, जिससे उनकी आर्थिक हानि कम हुई। इसी अनुभव ने हमारे इस विश्वास को दृढ़ किया कि संचालकों को प्रतिनिधित्व और सहायता के लिए एक स्थायी एवं सुव्यवस्थित मंच की आवश्यकता है।
एसोसिएशन ज्ञापनों, बैठकों और संवाद के माध्यम से सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक प्राधिकरणों के समक्ष अपने सदस्यों की सामूहिक समस्याएँ प्रस्तुत करता है; सदस्यों को निविदा दस्तावेज़ों और अनुबंध दायित्वों को समझने में सहायता करता है; उन्हें अनुभवी अधिवक्ताओं के पैनल से जोड़ता है; तथा ईमानदार शुल्क वसूली और नागरिकों के प्रति शिष्ट सेवा सहित निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत पार्किंग प्रथाओं को बढ़ावा देता है। वर्ष 2026 में एसोसिएशन ने प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश के सदस्यों की सेवा हेतु अपना द्विभाषी राष्ट्रीय डिजिटल मंच आरंभ किया। एसोसिएशन कोई सरकारी निकाय नहीं है और किसी वैधानिक या नियामक शक्ति का प्रयोग नहीं करता; इसकी शक्ति इसके सदस्यों की एकता, सत्यनिष्ठा और सक्रिय सहभागिता में निहित है।
हमारे उद्देश्य
- भारत में पार्किंग संचालकों एवं ठेकेदारों के राष्ट्रीय प्रतिनिधि संगठन के रूप में कार्य करना।
- नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, रेलवे, हवाई अड्डों, मेट्रो रेल निगमों एवं यातायात पुलिस के समक्ष संचालकों की सामूहिक समस्याएँ रखना और उनके समाधान हेतु निरंतर प्रयास करना।
- बोली लगाने से पूर्व सदस्यों को निविदा दस्तावेज़ — पात्रता शर्तें, बयाना राशि (ईएमडी), आरक्षित मूल्य तथा दंड प्रावधान — समझने में सहायता करना।
- अनुचित अनुबंध समाप्ति, मनमाने दंड, काली सूची में डाले जाने या ज़ब्ती का सामना कर रहे सदस्यों को विधिक मार्गदर्शन एवं अधिवक्ता पैनल की सुविधा उपलब्ध कराना।
- अप्रत्याशित परिस्थितियों में राहत, घटे हुए क्षेत्र पर आनुपातिक लाइसेंस शुल्क तथा जमा राशि की समय पर वापसी सहित निष्पक्ष एवं संतुलित अनुबंध शर्तों के लिए प्रयास करना।
- सदस्यों के बीच नैतिक, पारदर्शी एवं नागरिक-हितैषी पार्किंग प्रथाओं तथा आचार संहिता को बढ़ावा देना।
- डिजिटल शुल्क संग्रह (फ़ास्टैग, यूपीआई, इलेक्ट्रॉनिक रसीद) एवं आधुनिक पार्किंग प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- प्रशिक्षण, शोध एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना, तथा नगर, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की पार्किंग नीतियों पर रचनात्मक सुझाव देना।