भारत के पार्किंग संचालकों का राष्ट्रीय संगठन
राष्ट्रीय पार्किंग एसोसिएशन मुहर
राष्ट्रीय पार्किंग एसोसिएशन
National Parking Association
एकता · प्रतिनिधित्व · भारत के पार्किंग संचालकों के लिए न्याय
2019से सक्रिय
नवीनतम
ऑनलाइन सदस्यता पंजीकरण प्रारंभ — संचालकों के लिए मासिक सदस्यतानयाराष्ट्रीय पार्किंग एसोसिएशन ने पार्किंग संचालकों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल मंच का शुभारंभ कियानयासंचालक सहायता डेस्क: सदस्य कानूनी एवं निविदा सहायता का अनुरोध कैसे करेंनयासदस्य आमंत्रित: अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी 2026, भुवनेश्वर, 23–24 अक्टूबरनयानिविदा: चेन्नई पोर्ट पार्किंग प्लाज़ा (सीपीपीपी) का 3 वर्षों हेतु संचालन, प्रबंधन एवं रखरखाव (वार्षिक आधार पर 2 वर्ष तक विस्तार योग्य)नयानिविदा: माघ मेला 2026-27 में पार्किंग सुविधा प्रबंधन हेतु एजेंसी/एजेंसियों का पैनलीकरणनयानिविदा: केम्पेगौड़ा बस स्टेशन (केबीएस) टर्मिनल-3, बीबीएमपी रोड प्रवेश द्वार पर दो-पहिया एवं चार-पहिया पार्किंग (2,480.45 वर्ग फुट, 3 वर्ष)नयानिविदा: एमबीबी हवाई अड्डा, अगरतला पर स्वचालित वाहन पार्किंग प्रबंधन प्रणाली के एसआईटीसी एवं संचालन तथा पार्किंग शुल्क व लेन पिक-अप शुल्क संग्रहण अधिकार हेतु रियायतनयाकार्यक्रम: 19वां अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी 2026 — 23 अक्टू॰ 2026, Bhubaneswarकार्यक्रम: म्युनिसिपलिका 2026 – सुरक्षित, स्मार्ट और सतत शहरी समाधान — 09 दिस॰ 2026, New Delhiकार्यक्रम: 24वां ईवी एक्सपो दिल्ली 2026 — 23 दिस॰ 2026, New Delhi

एसोसिएशन परिचय

भारत के पार्किंग संचालकों की एक सशक्त राष्ट्रीय आवाज़

वर्ष 2019 से सक्रिय

हम कौन हैं

नेशनल पार्किंग एसोसिएशन भारत के पार्किंग संचालकों एवं ठेकेदारों का एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी राष्ट्रीय संगठन है। वर्ष 2019 से सक्रिय यह संगठन उन व्यक्तियों, फर्मों और कंपनियों को एक मंच पर लाता है जो नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, रेलवे, हवाई अड्डों, मेट्रो रेल निगमों तथा अन्य सार्वजनिक एवं निजी भू-स्वामियों के अधीन पार्किंग स्थलों का संचालन करते हैं, ताकि यह क्षेत्र एक संगठित, उत्तरदायी और एकजुट स्वर में अपनी बात रख सके।

पार्किंग संचालक नागरिकों को एक आवश्यक सार्वजनिक सेवा प्रदान करते हैं, फिर भी उन्हें प्रायः कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है — वास्तविक उपयोग से असंबद्ध आरक्षित मूल्य, कठोर दंड प्रावधान, स्थल सौंपने में विलंब, आवंटित क्षेत्र पर अतिक्रमण, आसपास अनियंत्रित निःशुल्क पार्किंग, तथा बिना समुचित सुनवाई के अनुबंध समाप्ति या काली सूची में डाला जाना। कोविड-19 महामारी के दौरान, जब लॉकडाउन के कारण यातायात लगभग थम गया था, एसोसिएशन ने अनेक संचालकों का पक्ष संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष रखा और उन्हें लाइसेंस शुल्क में छूट एवं राहत दिलाने में सहायता की, जिससे उनकी आर्थिक हानि कम हुई। इसी अनुभव ने हमारे इस विश्वास को दृढ़ किया कि संचालकों को प्रतिनिधित्व और सहायता के लिए एक स्थायी एवं सुव्यवस्थित मंच की आवश्यकता है।

एसोसिएशन ज्ञापनों, बैठकों और संवाद के माध्यम से सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक प्राधिकरणों के समक्ष अपने सदस्यों की सामूहिक समस्याएँ प्रस्तुत करता है; सदस्यों को निविदा दस्तावेज़ों और अनुबंध दायित्वों को समझने में सहायता करता है; उन्हें अनुभवी अधिवक्ताओं के पैनल से जोड़ता है; तथा ईमानदार शुल्क वसूली और नागरिकों के प्रति शिष्ट सेवा सहित निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत पार्किंग प्रथाओं को बढ़ावा देता है। वर्ष 2026 में एसोसिएशन ने प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश के सदस्यों की सेवा हेतु अपना द्विभाषी राष्ट्रीय डिजिटल मंच आरंभ किया। एसोसिएशन कोई सरकारी निकाय नहीं है और किसी वैधानिक या नियामक शक्ति का प्रयोग नहीं करता; इसकी शक्ति इसके सदस्यों की एकता, सत्यनिष्ठा और सक्रिय सहभागिता में निहित है।

हमारे उद्देश्य

  • भारत में पार्किंग संचालकों एवं ठेकेदारों के राष्ट्रीय प्रतिनिधि संगठन के रूप में कार्य करना।
  • नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, रेलवे, हवाई अड्डों, मेट्रो रेल निगमों एवं यातायात पुलिस के समक्ष संचालकों की सामूहिक समस्याएँ रखना और उनके समाधान हेतु निरंतर प्रयास करना।
  • बोली लगाने से पूर्व सदस्यों को निविदा दस्तावेज़ — पात्रता शर्तें, बयाना राशि (ईएमडी), आरक्षित मूल्य तथा दंड प्रावधान — समझने में सहायता करना।
  • अनुचित अनुबंध समाप्ति, मनमाने दंड, काली सूची में डाले जाने या ज़ब्ती का सामना कर रहे सदस्यों को विधिक मार्गदर्शन एवं अधिवक्ता पैनल की सुविधा उपलब्ध कराना।
  • अप्रत्याशित परिस्थितियों में राहत, घटे हुए क्षेत्र पर आनुपातिक लाइसेंस शुल्क तथा जमा राशि की समय पर वापसी सहित निष्पक्ष एवं संतुलित अनुबंध शर्तों के लिए प्रयास करना।
  • सदस्यों के बीच नैतिक, पारदर्शी एवं नागरिक-हितैषी पार्किंग प्रथाओं तथा आचार संहिता को बढ़ावा देना।
  • डिजिटल शुल्क संग्रह (फ़ास्टैग, यूपीआई, इलेक्ट्रॉनिक रसीद) एवं आधुनिक पार्किंग प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • प्रशिक्षण, शोध एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना, तथा नगर, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की पार्किंग नीतियों पर रचनात्मक सुझाव देना।

संचालकों के लिए हम जिन मुद्दों को उठाते हैं

बिना उचित नोटिस या सुनवाई के अनुबंधों एवं आवंटनों की मनमानी अथवा समयपूर्व समाप्ति
वास्तविक उपयोग एवं आवागमन से असंबद्ध, अव्यावहारिक आरक्षित मूल्य और लाइसेंस शुल्क
लॉकडाउन, मार्ग-बंदी या निर्माण कार्य जैसी अप्रत्याशित परिस्थितियों के बाद भी लाइसेंस शुल्क में संशोधन या राहत का अभाव
स्थल सौंपने में विलंब, अथवा निविदा में प्रस्तावित क्षेत्र से कम क्षेत्र का हस्तांतरण
आवंटित स्थलों पर अतिक्रमण, तथा आसपास अनधिकृत या निःशुल्क पार्किंग जिससे आय घटती है
मनमाने दंड, वसूली नोटिस एवं कारण बताओ नोटिस
यांत्रिक ढंग से काली सूची में डालना, तथा बयाना राशि, प्रतिभूति जमा एवं निष्पादन गारंटी की ज़ब्ती
अनुबंध समाप्ति के बाद जमा राशि की वापसी एवं लेखा निपटान में विलंब
टोइंग एवं प्रवर्तन अभियानों से टकराव, तथा पार्किंग कर्मचारियों का उत्पीड़न या उन्हें धमकियाँ
अधिक शुल्क वसूली के आरोप, तथा ईमानदार संचालकों की सुरक्षा हेतु दर-सूचना पट्ट, डिजिटल रसीद एवं निष्पक्ष शिकायत निवारण की आवश्यकता

अध्यक्ष का संदेश

प्रिय सदस्यगण एवं शुभचिंतकगण,

पार्किंग हमारे नगरों और शहरों की सबसे अधिक दिखाई देने वाली सार्वजनिक सेवाओं में से एक है, फिर भी पार्किंग स्थलों का संचालन करने वालों की बात सबसे कम सुनी जाती है। संचालक अपनी पूँजी लगाते हैं, सद्भावना से बोली लगाते हैं और अनेक परिचारकों को रोज़गार देते हैं, परंतु बहुधा उन्हें अचानक अनुबंध समाप्ति, बिना सुनवाई के दंड, अव्यावहारिक आरक्षित मूल्य और अपनी ही जमा राशि की वापसी में लंबे विलंब का सामना करना पड़ता है।

वर्ष 2019 से हमारा एसोसिएशन ऐसे कठिन समय में संचालकों के साथ खड़ा रहा है। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान, जब सड़कें सूनी हो गईं और आय लगभग समाप्त हो गई, तब हमने अनेक संचालकों की बात प्राधिकरणों तक पहुँचाई और उन्हें लाइसेंस शुल्क में छूट एवं राहत दिलाने में सहायता की। इस अनुभव ने हमें सिखाया कि जब संचालक तथ्यों और शालीनता के साथ एक स्वर में बोलते हैं, तो व्यवस्था उनकी बात सुनती है।

हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। हम विधि का सम्मान करते हैं, अनुबंध प्रदान करने वाले प्राधिकरणों का सम्मान करते हैं, और बदले में उसी निष्पक्षता की अपेक्षा रखते हैं। हम सदस्यों को बोली लगाने से पहले प्रत्येक शर्त समझने में सहायता करेंगे, अन्याय होने पर उनके साथ खड़े रहेंगे और उन्हें उचित विधिक परामर्श से जोड़ेंगे। साथ ही, हम प्रत्येक सदस्य से अपेक्षा करते हैं कि वह केवल अधिसूचित दरें ही वसूले, उचित रसीद दे और प्रत्येक नागरिक से शिष्टतापूर्वक व्यवहार करे, क्योंकि हमारे व्यवसाय की प्रतिष्ठा हम सबकी ईमानदारी पर निर्भर है।

मेरा आग्रह है कि भारत का प्रत्येक पार्किंग संचालक, चाहे छोटा हो या बड़ा, इस राष्ट्रीय प्रयास से जुड़े। आइए, मिलकर ऐसा पार्किंग क्षेत्र बनाएँ जो संचालकों के प्रति न्यायपूर्ण हो, प्राधिकरणों का विश्वासपात्र हो और नागरिकों द्वारा सम्मानित हो।

सादर, अध्यक्ष, नेशनल पार्किंग एसोसिएशन

— अध्यक्ष, राष्ट्रीय पार्किंग एसोसिएशन