ध्येय वाक्य
संघे शक्तिः, न्याये निष्ठा
Strength in Unity, Faith in Justice
हमारी दृष्टि
संपूर्ण भारत में एक निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यावसायिक रूप से प्रबंधित पार्किंग क्षेत्र, जहाँ प्रत्येक विधि-पालक पार्किंग संचालक के साथ न्याय और सम्मान का व्यवहार हो, तथा प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, ईमानदार और कुशल पार्किंग सेवा प्राप्त हो।
हमारा लक्ष्य
- देश के प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश के पार्किंग संचालकों और ठेकेदारों को एक राष्ट्रीय मंच पर संगठित करना।
- संवाद, ज्ञापन और विधिसम्मत पैरवी के माध्यम से सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक प्राधिकरणों के समक्ष सदस्यों की न्यायोचित समस्याओं का प्रतिनिधित्व करना।
- सदस्यों को निविदा शर्तों और अनुबंध दायित्वों को समझने में सहायता देना, तथा उनके अधिकार प्रभावित होने पर योग्य विधिक परामर्श उपलब्ध कराना।
- पार्किंग संचालन को व्यवहार्य बनाए रखने हेतु न्यायसंगत अनुबंध शर्तों — यथार्थवादी आरक्षित मूल्य, अप्रत्याशित परिस्थितियों (फ़ोर्स मेज्योर) में राहत, समय पर स्थल हस्तांतरण तथा जमा राशि की समय पर वापसी — के लिए प्रयास करना।
- सदस्यों के बीच ईमानदार शुल्क वसूली, डिजिटल भुगतान, शिष्ट सेवा और सुदृढ़ आचार संहिता को बढ़ावा देना।
मूल उद्देश्य
1
भारत में पार्किंग संचालकों एवं ठेकेदारों के राष्ट्रीय प्रतिनिधि संगठन के रूप में कार्य करना।
2
नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, रेलवे, हवाई अड्डों, मेट्रो रेल निगमों एवं यातायात पुलिस के समक्ष संचालकों की सामूहिक समस्याएँ रखना और उनके समाधान हेतु निरंतर प्रयास करना।
3
बोली लगाने से पूर्व सदस्यों को निविदा दस्तावेज़ — पात्रता शर्तें, बयाना राशि (ईएमडी), आरक्षित मूल्य तथा दंड प्रावधान — समझने में सहायता करना।
4
अनुचित अनुबंध समाप्ति, मनमाने दंड, काली सूची में डाले जाने या ज़ब्ती का सामना कर रहे सदस्यों को विधिक मार्गदर्शन एवं अधिवक्ता पैनल की सुविधा उपलब्ध कराना।
5
अप्रत्याशित परिस्थितियों में राहत, घटे हुए क्षेत्र पर आनुपातिक लाइसेंस शुल्क तथा जमा राशि की समय पर वापसी सहित निष्पक्ष एवं संतुलित अनुबंध शर्तों के लिए प्रयास करना।
6
सदस्यों के बीच नैतिक, पारदर्शी एवं नागरिक-हितैषी पार्किंग प्रथाओं तथा आचार संहिता को बढ़ावा देना।
7
डिजिटल शुल्क संग्रह (फ़ास्टैग, यूपीआई, इलेक्ट्रॉनिक रसीद) एवं आधुनिक पार्किंग प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
8
प्रशिक्षण, शोध एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना, तथा नगर, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की पार्किंग नीतियों पर रचनात्मक सुझाव देना।